संसद हमला 2001: शहीदों को श्रद्धांजलि, देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ सदैव अटल भारत
Parliament Attack 2001 Anniversary: राष्ट्र ने शहीदों को किया नमन
13 दिसंबर 2001 संसद हमला भारत के इतिहास का वह दिन है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। आज यानी 13 दिसंबर 2025 को संसद भवन परिसर में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संसद हमले के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह श्रद्धांजलि सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प का प्रतीक थी।
उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर
- उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
- केंद्रीय मंत्रीगण
- लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी
- लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य
- शहीदों के परिजन
सभी ने संसद परिसर में शहीदों को नमन किया।
2001 के संसद हमले में कितने लोग मारे गए थे?
2001 के संसद हमले में कुल 9 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे।
इन बहादुरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकवादियों को संसद भवन में घुसने से रोका।
शहीदों के नाम:
- जगदीश प्रसाद यादव (राज्यसभा सचिवालय)
- मतबर सिंह नेगी (राज्यसभा सचिवालय)
- कमलेश कुमारी (CRPF)
- नानक चंद (दिल्ली पुलिस)
- रामपाल (दिल्ली पुलिस)
- ओम प्रकाश (दिल्ली पुलिस)
- बिजेंदर सिंह (दिल्ली पुलिस)
- घनश्याम (दिल्ली पुलिस)
- देशराज (CPWD)
इन सभी ने संसद पर हमले को विफल करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
संसद हमले के नायक कौन थे?
इस हमले में कोई एक नहीं, बल्कि सभी शहीद सुरक्षाकर्मी ही असली नायक थे।
विशेष रूप से:
- जगदीश प्रसाद यादव
- मतबर सिंह नेगी
- कमलेश कुमारी
इन तीनों को उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
अन्य शहीदों को कीर्ति चक्र से नवाजा गया।
संसद हमला 2001: भारत की सुरक्षा के लिए निर्णायक मोड़
13 दिसंबर 2001 को आतंकवादियों ने देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था को निशाना बनाया।
लेकिन सुरक्षाबलों की सतर्कता और साहस के कारण यह हमला नाकाम रहा।
इस घटना के बाद:
- भारत की सुरक्षा नीतियां और मजबूत हुईं
- संसद और वीआईपी सुरक्षा में बड़े बदलाव हुए
- आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई
भारत की सबसे बड़ी घटना कौन सी है?
भारत के इतिहास में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं, लेकिन 2001 का संसद हमला इसलिए खास है क्योंकि—
- यह लोकतंत्र के दिल पर हमला था
- पूरे देश की संप्रभुता को चुनौती दी गई
- इसके बाद भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बदली
इसी वजह से इसे भारत की सबसे गंभीर आतंकी घटनाओं में गिना जाता है।
धुरंधर मूवी और संसद हमला 2001
हाल ही में चर्चा में रही धुरंधर मूवी में भी संसद हमले से प्रेरित कुछ सीन दिखाए गए हैं।
हालांकि फिल्म पूरी तरह वास्तविक घटना पर आधारित नहीं है, लेकिन यह दर्शाती है कि कैसे—
- सुरक्षाबलों का साहस
- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई
- देशभक्ति की भावना
आज भी फिल्मों और कहानियों के जरिए लोगों को प्रेरित करती है।
शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
संसद हमला 2001 सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि—
- साहस
- कर्तव्यनिष्ठा
- देशभक्ति
का जीवंत उदाहरण है।
इन शहीदों का बलिदान हमें यह याद दिलाता है कि भारत की सुरक्षा हमेशा सतर्क हाथों में रही है।
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