Kerala में Brain-Eating Amoeba ,क्या है इससे खतरा: इस बीमारी से कैसे बचें

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Kerala में brain-eating amoeba से जुड़े PAM केस की रिपोर्ट

 पिछले कुछ दिनों से Kerala में एक खतरनाक बीमारी काफी  चर्चा में है, जिसे लोग “brain-eating amoeba” कह रहे हैं। इसका वैज्ञानिक नाम Naegleria fowleri है। यह गर्म ताज़े पानी में पाई जाने वाली सूक्ष्म जीव (amoeba) है। अगर यह नाक से शरीर में चली जाए, तो दिमाग पर हमला कर देती है और Primary Amoebic Meningoencephalitis (PAM) नामक गंभीर बीमारी पैदा करती है।

क्या है  Kerala में अब तक की स्थिति

  • 2025 की शुरुआत से अब तक 69 केस सामने आ चुके हैं और इनमें से 19 लोगों की मौत हो चुकी है।

  • पिछले साल (2024) में 36 केस और 9 मौतें दर्ज हुई थीं।

  • खास बात यह है कि इस बार मरीज अलग-अलग जिलों से मिल रहे हैं, यानी यह केवल एक ही पानी के स्रोत से नहीं फैल रहा बल्कि हर जगह के पनि मे ये हो सकता है।

  • सरकार का कहना है कि अब सख्त मेडिकल गाइडलाइन्स के चलते PAM के ज्यादा केस पहचान में आ रहे हैं।

आखिर  यह बीमारी कैसे फैलती है

  • यह अमीबा ज़्यादातर गर्म और रुके हुए ताज़े पानी (तालाब, झील, कुएँ, swimming pool अगर ठीक से साफ न हो)तो  उसमे  पाया जाता है।

  • जब इंसान नाक से पानी अंदर लेता है, तो यह सीधे दिमाग तक पहुँच सकता है।

  • ध्यान रहे—पानी पीने से यह संक्रमण नहीं होता

इसके  लक्षण (PAM Infection Symptoms)

शुरुआत में इसके लक्षण साधारण बुखार या meningitis जैसे लग सकते हैं, लेकिन बीमारी बहुत तेज़ी से बढ़ती है।

  • तेज सिरदर्द

  • बुखार और उल्टी

  • गर्दन में अकड़न

  • भ्रम, मानसिक स्थिति में बदलाव

  • दौरे (seizures), और कई बार कुछ ही दिनों में कोमा

इसका  इलाज और अब तक का अनुभव

  • दुनिया भर में इस बीमारी का mortality rate लगभग 95-98% है।

  • लेकिन Kerala में जल्दी पहचान और miltefosine जैसी दवाओं के उपयोग से करीब 24% मरीजों की जान बचाई जा सकी है

  • डॉक्टरों का कहना है कि जल्दी इलाज शुरू करना ही एकमात्र रास्ता है

क्या है  सरकार और स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

  • Kerala सरकार ने कुओं, तालाबों और पानी की टंकियों में chlorination drive शुरू किया है।

  • सार्वजनिक swimming pools की नियमित सफाई और टेस्टिंग के आदेश दिए गए हैं।

  • स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है ताकि लोग सतर्क रहें और पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।

आखिर इससे  बचाव कैसे करें (Brain-Eating Amoeba Prevention)

  • गंदे या रुके हुए पानी में तैराकी और नहाने से बचें।

  • Swimming करते समय nose clip का इस्तेमाल करें ताकि पानी नाक में न जाए।

  • पानी हमेशा साफ और chlorinated होना चाहिए।

  • घरेलू उपयोग के लिए पानी को फिल्टर करें या उबालें।

  • अगर सिरदर्द, बुखार, उल्टी या मानसिक बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

Kerala में बढ़ते brain-eating amoeba यानी Naegleria fowleri के मामले चिंता का कारण हैं। लेकिन समय पर इलाज और सावधानियां अपनाकर इस खतरनाक संक्रमण से काफी हद तक बचाव संभव है। सरकार भी जागरूकता फैलाने और पानी के स्रोतों की सफाई पर जोर दे रही है।

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