बिहार डिफेंस कॉरिडोर: नया विकास एजेंडा

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Ultra-realistic aerial view of Bihar Defence Corridor 2025 with drone manufacturing hubs, defence factories, semiconductor units and bold text ‘Bihar Defence Corridor – 2025’.

नीतीश कुमार के नेतृत्व मे सरकार ने 2025 मे सरकार बनाते ही कैबिनेट की पहली बैठक मे  “डिफेंस कॉरिडोर”, सेमीकंडक्टर पार्क, टेक-हब, टेक-सिटी और फिनटेक-सिटी समेत बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। Hindustan 

सरकार का उद्देश्य अगले पांच वर्षों (2025–30) में लगभग 1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना बताया गया है। Hindustan 

डिफेंस कॉरिडोर इस दृष्टि से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि यह बिहार को “पूर्वी भारत का टेक-और-डिफेंस हब” बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम हो सकता है। Hindustan 

 

क्या क्या बनने की योजनाए है इस कॉरीडोर मे

कुछ रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि कॉरिडोर में निम्न प्रकार की इकाइयाँ और निर्माण कार्य शामिल हो सकते हैं: 

  • ड्रोन एवं डिफेंस ड्रोन यूनिट्स — ड्रोन निर्माण और डिफेंस-ग्रेड ड्रोन, surveillance / military drones आदि।

  • हथियार और गोला-बारूद फैक्ट्रियाँ (Ordnance Factories) — रिपोर्ट्स में 155 mm तोप के गोले, हथियार (जैसे राइफल), बुलेट प्रूफ जैकेट, विस्फोटक, गन पार्ट्स आदि का उत्पादन शामिल बतलाया गया है।

  • सेमीकंडक्टर / इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पार्क — ड्रोन, हथियार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग होने वाली चिप्स/इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने की योजना है।

  • टेक-हब, मेगा-टेक-सिटी और फिनटेक-सिटी — डिफेंस उद्योग के साथ-साथ आईटी, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और फाइनेंस सेक्टर के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी।

  • एमएसएमई और औद्योगिक पार्क, जिला स्तर की फैक्ट्रियाँ — छोटे-बड़े उद्योगों के लिए हर जिले में कारखानों और सप्लाय चेन के नेटवर्क की योजना।

 

किन- किन  जिलों में प्रस्तावित है 

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उन जिलों के नाम सामने आए हैं जहाँ पहले चरण में डिफेंस/ऑर्डनेंस फैक्ट्री स्थापित करने की बात कही गई है। इनमें शामिल हैं: 

  • Munger, Kaimur, Banka, Jamui और Arwal — ऑर्डनेंस फैक्ट्री कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित जिलों में शामिल।

  • साथ ही अन्य जिलों जैसे Gaya, Nalanda (राजगीर), Rohtas (सासाराम/डेहरी-ऑन-सोन), Buxar, Bhojpur आदि का जिक्र हुआ है — हालांकि इन पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं बताया गया है।

 

सरकार का लक्ष्‍य — रोजगार, आत्मनिर्भरता व टेक्नोलॉजी हब

  • पहला उद्देश्य बिहार में रोज़गार — अकेले डिफेंस कॉरिडोर से अनुमानित 5–7 लाख सीधी नौकरियाँ और इसके आधार पर कई लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • दूसरा — रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Make in India, Atmanirbhar Bharat): हथियार, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, विस्फोटक आदि का निर्माण भारत में ही, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो।

  • तीसरा — टेक्नोलॉजी और औद्योगिक विकास: सेमीकंडक्टर पार्क, टेक-हब, MSME क्लस्टर, टेक सिटियाँ — जिससे बिहार सिर्फ कृषि आधारित राज्य से बदलकर टेक्नोलॉजी-औद्योगिक राज्य बने।

 

विवाद, चिंता और सवाल — क्या सब संभव है?

हालाँकि योजनाएँ आकर्षक हैं, लेकिन कई सवाल भी उठ रहे हैं:

  • इन्‍फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिक: हथियार और विस्फोटक फैक्ट्रियाँ चलाने के लिए ज़रूरी सुरक्षा, पर्यावरण, लॉजिक से जुड़ी चुनौतियाँ होंगी — क्या हर जिला इस जोखिम को संभालने के लिए तैयार है?

  • वैधता व शासन-व्यवस्था: पहले भी कुछ जिलों में अवैध हथियार निर्माण की घटनाएँ हुई हैं। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया, निगरानी और पारदर्शिता कितनी होगी?

  • समाज-परिवर्तन व भरोसा: कई लोग चिंता कर रहे हैं कि “बंदूकों की फ़ैक्ट्री” से बिहार की छवि — ख़ासकर गाँवों व आम जनता के लिए — बदल सकती है।

  • विकास या राजनीति: कुछ लोग इसे चुनावी वादों का हिस्सा मानते हैं — यानी असल में कब और कहाँ काम शुरू होगा, अभी स्पष्ट नहीं।

 

क्या अभी निर्माण शुरू हो चुका है?

नहीं — अभी तक यह योजना “स्वीकृत प्रस्ताव / नीति” है।

  • 2025 की कैबिनेट बैठक में डिफेंस कॉरिडोर की मंज़ूरी हुई है। Hindustan

  • लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स कह रही हैं कि जिलों, कारखानों, ज़मीन, लाइसेंस आदि की रूप-रेखा अभी बनाई जानी बाकी है

इसलिए अभी इसे “भविष्य की योजना” ही माना जाना चाहिए — “चालू फैक्ट्री” नहीं।

 

निष्कर्ष — उम्मीदें, चुनौतियाँ और निगरानी की ज़रूरत

बिहार डिफेंस कॉरिडोर का प्रस्ताव राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है — रोजगार, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में। लेकिन इसपर सफलता पाने के लिए पारदर्शिता, सुशासन, पर्यावरण-सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और लंबे समय तक भरोसे की ज़रूरत होगी।

अगर सरकार और जनता साथ दें, और निगरानी व जवाबदेही बनी रहे — तो यह कॉरिडोर बिहार को एक नया स्वरूप दे सकता है। लेकिन जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।

“Ultra-realistic aerial view of Bihar Defence Corridor 2025 with drone manufacturing hubs, defence factories, semiconductor units and bold text ‘Bihar Defence Corridor – 2025’.”

 

Bihar Drone Factory 2025 – जहां तैयार हो रहे हैं भारत के हाई-टेक डिफेंस ड्रोन।

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